Budget 2024-25: Focus on 4 castes in the budget, big announcements of the Finance Minister so far
नेशनल न्यूज डेस्कः वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में हमारा 4 जातियों पर फोकस है। उन्होंने कहा कि महिला, गरीब, युवा और किसान ही हमारे फोकस में हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में हमारा 4 जातियों पर फोकस है। उन्होंने कहा कि महिला, गरीब, युवा और किसान ही हमारे फोकस में हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि सामाजिक कल्याण के लिए सरकार ने सर्वांगीण, सर्वस्पर्शी और सर्व समावेशी नीति और कार्यक्रम लागू किए तथा भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद को खत्म किया है। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के तहत जनधन खातों के जरिये 34 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
बजट की अब तक की बड़ी बातें
--वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि हमारी केंद्र सरकार में 1 करोड़ महिलाएं लखपति बनीं है। उन्होंने कहा कि हमने लखपति दीदी योजना चलाकर लोगों को फायदा पहुंचाया है। लखपति दीदी योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं और इसलिए 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।
--वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 3 करोड़ मकानों के लक्ष्य के करीब है और अगले 5 सालों में दो करोड़ अतिरिक्त मकानों का निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं।
--वित्त मंत्री ने बताया कि रूफटॉप सौर ऊर्जा से एक करोड़ परिवार को प्रत्येक महीने 300 यूनिट निशुल्क बिजली दी गई है।
--सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए सरकार टीकाकरण लेकर आई है। 9-14 साल की लड़कियों को इससे बचाने के लिए उन्हें मुफ्त टीका दिया डाएगा।
--देश के मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं बढेंगी। नए मेडिकल कॉलेज खोलने पर समिति बनाई जाएगी।
--आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी आशा कर्मी और आंगनवाड़ी कर्मचारियों को सुविधा दी जाएगी।
--किसानों की आय बढ़ाने के लिए और तेजी से काम किया जाएगा। किसानों को सशक्त बनाने पर केंद्र सरकार का जोर है।
--देश के मंडियों को eNAM से जोड़ा जा रहा है।
--हमारी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला।
--10 वर्ष में एयरपोर्ट की संख्या दुगुनी हुई, 517 नए हवाई मार्ग विकसित किए गए
--3 नए रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इससे आर्थिक विकास होगा। यात्रियों के लिए सुविधाएं और बढ़ाई जाएंगी।
--माल भाड़ा गलियारे का भी निर्माण हो रहा है।
--वंदे भारत का भी विस्तार हो रहा हैं। वंदे भारत के लिए 41 हजार डिब्बे बनाए जा रहे हैं।